Tuesday, January 31, 2006

'ओउम' की शक्ति


'ओउम' परमात्मा का सर्वश्रेष्ठ नाम है, जिसने सारे संसार की रचना की है. वह अजर है, अमर है, सर्वव्यापक है, रक्षक है. इसमें परमात्मा के अनेक रूपों और गुणों को प्रकट करने की शक्ति है. 'ओउम' शब्द में तीन अक्षर है- 'अ', 'उ' और 'म'.

ये तीन अक्षर परमात्मा के तीन महान् गुणों को प्रकट करते है. 'अ' परमात्मा की उस शक्ति का वाचक है, जिससे वह संसार को उत्पन्न करता है. 'उ' परमात्मा की उस शक्ति का नाम है, जिससे वह संसार की रक्षा करता है. 'म' परमात्मा की उस शक्ति का परिचायक है, जिसके माध्यम से वह प्रलय करती है. इस तरह 'अ' ब्रह्मा का वाचक है , 'उ' विष्णु का और 'म' महेश का. जब हम 'ओउम' का उच्चारण करते हैं, तब हमारी वाणी भगवान के इन गुणों को प्रकट करती है.

'अ' के उच्चारण के लिए हमें अपना मुंह खोलना पड़ता है. इसी तरह यह सृष्टि की उत्पत्ति का प्रतीक है. 'उ' का उच्चारण करते समय मुंह खुला रहता है और होंठ मूड़े हुए होते है. यह धारण, रक्षण और पालन का सूचक है. 'म' का उच्चारण करते समय होंठ बंद करने पड़ते है. यह किसी तत्व की समाप्ति को दर्शाता है.

इस तरह 'ओउम' का उच्चारण या जाप करते समय हम न सिर्फ यह जानते हैं कि परमात्मा संसार का उत्पादक, रक्षक और प्रलयंकर है, बल्कि यह भी जानते है कि प्रकृति का यह नियम अनादि काल से चला आ रहा है और अनन्त काल तक चलता चला जाएगा.

5 Comments:

At 8:02 PM, Blogger Pankaj Bengani said...

जानकारी के लिए धन्यवाद

 
At 12:58 AM, Blogger Tarun said...

mujhe aisa kyon lag reha hai ki ओउम me beech ka उ nahi hota jab hindi (sanskrit) mein likhte hain. ye shayad sanskrit ka word hai.

kyonki hindi me meri samajh se jo likha dikhta hai vahi ucharit karte hain na ki english ke but or put jaisa. (mai galat bhi ho sakta hoon)

 
At 6:54 PM, Blogger Pratik said...

काफ़ी ज्ञानवर्धक लेख है। वैसे, तरुण जी का कहना भी सही है। हाँलाकि 'ओम्' शब्‍द अ+उ+म् की सन्धि से मिल कर बना है, लेकिन संस्‍कृत में अ+उ=ओ होता है। इसलिये एक शब्‍द के रूप में 'ओम्' लिखना ही ठीक है। लेकिन कई बार 'ओउम्' लिखा दिखाई देता है। दरअसल इस ग़लती का कारण यह है कि वैदिक संस्‍कृत में किसी अक्षर के उच्‍चारण की ध्वनि को दीर्घ करने के लिये उस अक्षर के आगे ३ का अंक बना दिया जाता है, जोकि 'उ' जैसा लगता है। अत: 'ओम्' और 'ओ३म्' सही प्रयोग हैं; न कि 'ओउम्'।

 
At 9:15 PM, Blogger sur said...

धन्यवाद प्रतीक,

आपने सही कहा है. लिखने के समय ओ३म् का ही प्रयोग होता है. दरअसल मैं भी यही लिखना चाहती थी, पर हिंदी का ३ मुझे इस की-बोर्ड में नहीं मिला था, सो मैंने सोचा 'उ' से काम चला लेते हैं. दूसरे की-बोर्ड में तो ये सब होता था और कुछ खास कैरेक्टर्स भी मिल जाते थे जैसे ओम के लिए 'ऊँ' कैरेक्टर. पर इस की-बोर्ड पर इसकी जानकारी मुझे नहीं है.

धन्यवाद प्रतीक आपने जानकारी को सही करके और अधिक पुष्ट बना दिया. उम्मीद है तरुण को भी अपने सवाल को जबाव मिल गया होगा.

 
At 9:54 AM, Blogger Tarun said...

आप को यहाँ पर टैग किया जाता है। हम को तो सवाल का जवाब मिल गया आप कब दे रही हैं।

 

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