Thursday, December 22, 2005

मूड एकदम फ्रस्टिया गया है

उस दिन उ हमरे घर आया। बहुत परेशान था। का है कि अपने राज्य में अपहरण का धंधा अब मंदा हो गया न, इसलिए घोर बेरोजगारी में दिन काट रहा है। जब मूड एकदम फ्रस्टिया गया, तो सोच लिया कि अब कोनो और रोजगार करेगा। इत्ते में बम्बे से भाई सब का ऑफर आ गया कि यहीं आ जाओ और फिरौती से कमाया पैसा शो बिज में लगाओ। चोखा धंधा है।

लेकिन उ बम्बे नहीं जाएगा। कह रहा था कि जब किसी की इज्जत उतारकर ही तिजोरी भरना है, तो यहीं रहकर कमाऊंगा। पैसा के साथ इज्जतो मिलेगा। अब उ भट्ट कैंप को ही लीजिए। एतना बढि़या-बढि़या हीरोइनों का सब कुछ दिखा दिया, लेकिन एको गो फिलिम हिट नहीं हुआ। बेचारा इमरान का दोनों होंठ सूज गया है चुम्मा लेते-लेते, लेकिन दर्शक उसको देखने सिनेमा हॉल नहीं आया। क्या फायदा ऐसे बिजनेस में पैसा लगाने से?

कहने लगा-- शो बिज के बदले न्यूज बिज में पैसा लगाऊंगा। स्टिंग ऑपरेशन का एजेंसी खोलूंगा और स्लो चैनल को तेज करने का ठेका लूंगा। एक दर्जन एमपी के बदले अगर 70-75 लाख मिल सकता है, तो हम तो एमपी सब के लाइन लगा देंगे। नोट लेते और चड्डी उतारते नेता, अभिनेता और अफसर के वीडियो क्लिप ही न चाहिए, हम सब उपलब्ध कराऊंगा। अब देखिएगा हमरा चमत्कार। पिछला इलेक्शन के हमर जोर नहीं चला, तो नेता सब को लगने लगा था कि हमरा दिन बीत गया। लेकिन अब हम सबको 'नाथ' दूंगा।

बाकी लोग तो बेकूफ है, जो नेता-अभिनेता सब को फांसने के लिए दस गो बहाना ढूंढता है और सुंदर लड़की सब को बत्तीस बार भेजता है। अरे, अपन फैक्टरी में बनल एगो देसी कट्टा कनपट्टी पर रखिए और सामना में कैमरा धर दीजिए। देखिए, कैसे बिना एको पैसा लिए, उ लाखों रुपया लेने की बात कबूलता है। अपन चड्डी उतारने की तो बात छोडि़ए, दोसरो के चड्डी फटाफट उतार देगा। का कहे, ई धंधा चलेगा, दौड़ेगा भाई। एक बेर जहां वीडियो चैनल पर चल गया, फेर के पूछने आता है कि उ वीडियो बना कैसे? एक बेर उतरा इज्जत फेरो नसीब नहीं होता है। इज्जत चड्डी थोड़े है कि फिर से पहन लीजिएगा। हमर स्टिंग ऑपरेशन में लोग कैमरा के सामने या तो चुपचाप पैसा जेबी में करेगा, नहीं तो चुपचाप 'ऊपर' प्रस्थान कर जाएगा।

हां, जरूरी नहीं है कि सब कुछ चैनल को ही बेचूंगा। इज्जत बचाना हो तो कोयो अपनो नेगेटिव हमसे खरीद सकता है या फिर बिपक्षी पाटी भी उ ले सकता है। सबके लिए फिक्स रेट- - घूस लेने वाला 20 लाख, चड्डी उतरल 40 लाख, परी के साथ 60 लाख...।

एक बार ई धंधा चल गया, तो जल्दिये एगो स्टिंग ऑपरेशन सीखाने वाला स्कूलो न खोल देंगे। पढ़कर निकलिए, नौकरी फिक्स। हंड्रेड परसेंट कैंपस सिलेक्शन। अब बताइए, इसके लिए दिल्ली से बढि़या जगह कोनो और होगा?

BY: PRJ

3 Comments:

At 7:39 PM, Anonymous आशीष said...

एकदम झक्कास, छा गये गुरू

 
At 7:58 PM, Blogger Kalicharan said...

bhadiya hai

 
At 1:27 AM, Blogger eSwami said...

बहुती सई दिसा पकडे हो गुरु एकदम नाक की सीद मे चल्तेचलो! :)

 

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