Friday, November 04, 2005

अब पुरूषों के लिए गोरेपन की क्रीम

Fairness Cream for Men

Tall, Dark & Handsome एशियाई पुरूषों की तारीफ में आमतौर पर प्रयोग किया जाने वाला यह नुक्ता जल्द ही बदल कर Tall, Fair & Handsome होने वाला है. भारतीय मानसिकता की बात करें तो हमारे यहां आज भी खूबसूरती का एकमात्र पैमाना गोरेपन को माना जाता है. अब तक तो यह पैमाना स्त्रियों के लिए ही लागू था. इस बात की गवाही शादी के विज्ञापनों की पंक्तियां 'सुंदर, गौरी व पढ़ी-लिखी वधु की तलाश' वगैहर-वगैहर तथा सांवले रंग को निखारने वाले तमाम तरह के ब्यूटी प्रॉडक्ट देते हैं. लेकिन अब यही पैमाना पुरूषों पर भी लागू होने जा रहा है. भारतीय पुरूषों के आकर्षक व्यक्तित्व को उनके लंबे कद-काठी व सांवले रंग के कारण एक अलग ही पहचान मिली हुई थी. किंतु बाजारवाद की नजर में यह पैमाना अब और अधिक नहीं चल सकता. इसलिए इसे बदलने, पुरूषों की खूबसूरती निखारने और सांवले मर्दों को गोरा बनाने का इंतजाम कर दिया गया है. अब तक साबुन और क्रीम का बाजार स्त्रियों के लिए ही था, परंतु ब्यूटी प्रोडक्ट के बड़े मार्केट में मर्दों को भी शामिल कर लिया गया है. अब वह भी सुपर स्टार शाहरूख खान की तरह ब्यूटी सोप लक्स से अपनी खूबसूरती निखार सकते हैं व बेहिचक गोरेपन की क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं. आखिर उन्हें भी सुंदर दिखना चाहिए.

2 Comments:

At 7:59 PM, Blogger Kalicharan said...

time asia main beauty conscious asian male ka bahut sahi lekh nikla hai. http://www.time.com/time/asia/covers/501051031/story.html

 
At 11:40 PM, Blogger Pratik said...

मेरे ख्‍याल से टॉल, डार्क, हैण्‍डसम आदि शब्‍दावली का प्रयोग पश्चिम के देशों में ही ज़्यादा प्रचलित है और यह मुख्‍यत: वहाँ के पुरुषों के लिये ही है, न कि एशिया वासियों के लिये। हॉंलाकि बाद में भारत में भी इस फ्रेज़ का उपयोग बहुतायत में होने लगा। आमतौर पर भारत में पुरुषों का भी गोरा होना सुन्‍दरता की निशानी माना जाता है।

 

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