हिंदी वेबसाइट का भविष्य.... एक सच यह भी

ब्लॉग जगत पर नजर डालती हूं तो लगता है कि इंटरनेट पर हिंदी का भविष्य काफी उज्ज्वल है और जल्द ही इंटरनेट पर हिंदी के सुनहरे दिन आएंगे। पर आज इस उम्मीद पर एक और करारा झटका लगा (समय-समय पर झटके लगते रहते हैं)।
एक समाचार पत्र की साइट खोलने पर यह नज़ारा दिखा।
जाने माने हिंदी न्यूजपेपर वाले अपनी साइट रिन्यू कराना ही भूल गए। यह है ऑनलाइन मीडिया का भविष्य??

3 Comments:
हद दर्जे की लापरवाही का उत्कृष्ट नमूना...पता नहीं कब निकलेंगे केंचुए के खोल से...इनसे मिलो तो रवैय्या देखो इनका...भगवान समझ बैठे हैं अपने आप को...खैर वक्त समझाएगा इन्हें...अब कम से कम 72 घंटे बंद रहेगी साइट...और चिढ़ाएगी मुंह इसके कर्ता-धर्ताओं को...शायद भगवान सद्बद्धि दे इन्हें...
घोर लापरवाही!!
सही कहा।
हिन्द-युग्म, कविताएँ, कहानियाँ, गीत-संगीत, बाल-उद्यान, चित्रावली
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